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सोने का एक एक धागा मूल्यवान होता है इसी प्रकार समय का प्रतिक्षण भी -मेंशन

समय बड़ा बलवान है  i समय के कारण कई व्यक्ति उचाई    पर पहुंचे हैं ,तो कई ऊंचाई से नीचे भी गिरे हैं ! जिसने समय के महत्व को जाना है वह सदा उन्नति करता रहा किन्तु  जिसने  समय के महत्व को नहीं जाना वह मायूस बनकर समय के थपेड़े को खाता रहा !
          समय को दो प्रकार का कहा गया है एक अच्छा दूसरा   बुरा ! ऐसे  तो  समय कोई बुरा या अच्छा नहीं होता ! परिस्थिति ही अच्छी या बुरी होती है ! इन दोनों प्रकार के समय के प्रति जिसका  ध्यान है उसने उन्नति अवश्य पाई है ! श्रेष्ठ व्यक्ति वही है जो समय के प्रति गंभीर रहता है , जो समय पर बराबर नजर रखते हुए  बुरे समय में संयमित ,  दृढ़ बनकर रहते हैं , अच्छे समय में समय का भरपूर उपयोग करते हुए अपने पूर्ण मनोयोग से , अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग करते हुए अपने कार्य का संपादन करते हैं और सफलता की ओर अग्रसर होते हैं
      एक बात सदा याद रखें समय कभी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता ! अगर समय रहते इसे नहीं पहुंचाना और यह निकल गया तो फिर वापस लौटकर नहीं आता ! अतः व्यक्ति को समय के प्रति हमेशा सचेत रहना चाहिए !
        समय को पहचान कर उसका सदुपयोग करना एक सफल व्यक्ति की निशानी है ! सफलता का गूढ़ रहस्य यही बताता है की समय का पूर्ण सदुपयोग करो दुविधा , संशय में पड़कर समय को व्यवरथ व्यवर्थ न जाने दो !
           समय ऐसी  पूंजी है जो  एक बार जाने के बाद दोबारा वापस नहीं आती ! धन चला जाए तो उसे और भी कमाया जा सकता है ! कुछ चीजें आज नहीं तो कल भी आ सकते हैं मगर कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जिसे उस निश्चित समय में पूर्ण होना आवश्यक होता है ! कुछ कार्य अभी नहीं तो कभी नहीं के तर्क  पर ही होते हैं ! बचपन की पढ़ाई , जवानी का जोश , यह सारी शक्ति व्यक्ति में एक निश्चित उम्र समय पर ही रहती है ! कुछ कार्य ऐसे उचित समय पर ही संपादित होना मांगते हैं उस समय ना हो पाए तो फिर कभी नहीं ! कुछ कार्य समय की महत्वता लिए होते हैं जो एक निश्चित समय पर होने पर अति फलदाई सिद्ध होते हैं जो उस समय के पश्चात बाद में सिद्ध हो तो उतने फलदाई नहीं होते!
          आज का कार्य कल पर टालने के कारण ही कार्य की अधिकता व्यक्ति को सदा चिंतित रखती है! इसलिए अपने कार्य और समय दोनों का सामंजस्य बैठाकर रखे ! कुछ कार्य ऐसे भी जो समय विशेष पर होना ही संभव होते हैं और विशेष महत्व भी रखते हैं बचपन , जवानी , बुढ़ापे आदि के कुछ कार्य समय विशेष परी महत्व रखते हैं बचपन का कार्य जवानी, जवानी का कार्य बुढ़ापे मैं संभव नहीं ! विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के पहले जो समय होता है वह परीक्षा के बाद नहीं आता
          समय के सदुपयोग के लिए जरूरी है अपने समय के प्रति साफ उद्देश्य रखें करना है बस करना है यह विचार रखते हुए कोई भी दुविधा , संशय मार्ग में ना आने दे 
      काल करे सो आज कर ,आज करे सो अब
       पल में प्रलय होगी , बहुरि करेगा कब
कबीर जी का यह दोहा समय के सदुपयोग के लिए एक आदर्श प्रेरणा है ! हर समय जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है जो हाथ से निकल जाने पर जीवन भी व्यवर्तता से भर जाता है !

  

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