गुरु कौन हम जिसे बनाते हैं मानते हैं वह या कोई और अगर सच कहे तो गुरु और कहीं बाहर नहीं हमारे भीतर सर्वे हम हैं अगर समस्या हमारे अंदर से उत्पन्न हुई है तो फिर हम इसका समाधान बाहर क्यों ढूंढ
जरूरी कुछ गहराई में जाने की समस्या के मूल को खोजने की
हमारी समस्या को हम जानते हैं और कोई समाधान कैसे दे सकता है दूसरे हमें विचार दे सकते हैं मगर वह भाव नहीं दे सकते जो हमारे समस्या का समाधान कर दे इसलिए जरूरी है बाहर की शायरी तलाश को ख़त्म करें एक नई पहल करते हुए हमारी आशा भरी नजरों को बाहर से हटाकर अपने अंदर झांकने की कोशिश करें उस गहराई में जाकर देखें जहां समस्या और उसका समाधान दोनों मौजूद दोनों है
SR_Tanda
मन के विभिन्न पहलू , मन के विकास से कैसे अपनी उन्नति करे l सुख - दुःख से कैसे भाहर निकले
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